सुनले माता बाला सुंदरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन दुर्गा भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुनले माता बाला सुंदरी तेरी ज्योत जगाई री,

तेरे बिना मेरी कौन सुने माँ आके करो सुनाई री,

सुनले माता बाला सुंदरी,

तेरे चरणों की शोभा न्यारी दुनिया करे प्रचार तेरा,

खाली न कोई दर ते जावे खुला माँ दरबार तेरा,

ना कोई मेरी सुनता दाती तेरी आस लगाई री,

सुनले माता बाला सुंदरी तेरी ज्योत जगाई री,

श्याम सवेरे भजन करू माँ कद आओ गी घर मेरे,

कुछ न चाहु मैया मैं तो चाहु बस दर्शन तेरे,

मैं तो बालक नादान तेरी देवो ने महिमा गाई री,

सुनले माता बाला सुंदरी तेरी ज्योत जगाई री,

दासी के सभी मैया जी तने सच्चे दिल से ध्यावे री,

जय भगवन माँ बाला सुंदरी तेरे भजन बनावे री,

भेटा तेरी दिल से गावे इब ते दर्श दिखा जी,

सुनले माता बाला सुंदरी तेरी ज्योत जगाई री,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।