सूंदर सा मुखड़ा तेरा प्यारी सी मुस्कान है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन दुर्गा भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सूंदर सा मुखड़ा तेरा प्यारी सी मुस्कान है,

दिव्ये तेरा रूप है रूप बड़ा खूब है माँ की गज़ब शान है,.

सूंदर सा मुखड़ा तेरा प्यारी सी मुस्कान है,

सारा ज़माना तेरे ही दम पे तेरे ही दम पे सुबहा श्याम है,

ये दुनिया तेरे अंचल पे खेले होठो पे तेरा नाम है,

शेरसवारी है जग से न्यारी है,

मियां मैं तो तेरा गुण गान करू गी,

तुझपे खो जाऊ और कहा जाऊ,

मैया मैं तो तेरा बखान करू गी,

धरती भी तेरी है माँ तेरा ही आस्मां है,

दिव्ये तेरा रूप है रूप बड़ा खूब है माँ की गज़ब शान है,

नारयल चुनरी तुम को चड़ाउ गंगा के जल दे धु चरण,

आठो घडी करू पूजा तुम्हारी ऐसे लगाऊ तुझमे लग्न,

व्रत उठाऊ गी पाठ कराऊंगी माँ मुझे तेरा आशीष मिले गा,

प्रेम गम आज़मी को तूने दिया शक्ति,

सदा वो माँ तेरा गीत लिखेगा,

तेरी किरपा प्रियंका पे तुझसे ही पहचान है,

दीवये तेरा रूप है रूप बड़ा खूब है माँ की गज़ब शान है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।