जग से न्यारा मैहर वाली का धाम

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जग से न्यारा मैहर वाली का धाम,

मेरी मेयर वाली का धाम,

सबसे न्यारा है मियां का नाम मेरी शारदे भवानी का नाम,

माता तो है सारे जान की नव से जीम उस कुदरत की,

कण कण में है वास उसी का दिल से पुकारो सुनती सबकी,

ऐसे मैया को शत शत परनाम,

जग से न्यारा मैहर वाली का धाम

मोहनी सूरत ममता की मूरत सबको साथ लुभादे,

उसकी बात निराली वो तो रोते को हँसा दे ,

बनते दर पे बिगड़े काम जग से न्यारा है माँ का धाम,

ममता की रेहमत मिल जाइ जग में बचा क्या आना,

बून्द ये सागर में मिल जाये छूटे ये रोना गाना,

आजा पी ले शारदा याम जग से प्यारा है मियां का नाम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।