भेजा है भुलावा तूने शेरावालिये

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

भेजा है भुलावा तूने शेरावालिये,

मईया तेरे दरबार में तेरे दीदार को मैं आउगा,

कभी न फिर जाउगा,

भेजा है भुलावा तूने शेरावालिये,

तेरे ही दर के है हम तो भिखारी जाये कहा है हमये दर छोड़ के,

तेरे ही संग बाँधी भक्तो ने डोरी सारे यहां से नाता तोड़ के नाता तोड़ के,

भेजा है भुलावा तूने शेरावालिये.....

फूलो में तेरी ही खुशबू है मइयां चंदा में तेरी ही चांदनी,

तेरे ही नूर से है नैनो की ज्योतियाँ सूरज में तेरी ही रोशनी,

भेजा है भुलावा तूने शेरावालिये.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।