दर ते आवा गये तेरे सालो साल नि माये

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

दर ते आवा गये तेरे सालो साल नि माये ,

पुरे करदे तू मेरे भी सवाल नि माये,

दर ते आवा गये तेरे सालो साल नि माये ,

सुहा चोला ते चुनी तिले दार नि माये,

मैं चदावा गी तेरे दरबार नि माये,

दर ते आवा गये तेरे सालो साल नि माये ,

आवा चढ़ के चड़ाहियाँ नंगे पैर नि माये,

पादे झोली च सबरा दी खैर नि माये,

दर ते आवा गये तेरे सालो साल नि माये ,

देवा नारियल ते पान सुपारी नि माये,

निगा करदे सवली रुत पार नि माये,

दर ते आवा गये तेरे सालो साल नि माये ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।