अधर धर मुरली बजैया की

पारंपरिक
श्री कृष्ण आरती कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अधर धर मुरली बजैया की आरती कृष्ण कन्हैया की

नाथ मथुरा में जन्म लियो नंद घर मंगलाचार कियो

यशोदा गोद ख़िलैया की आरती कृष्ण कन्हैया की

अधर धर मुरली........

कृष्ण ने कंस असुर मारयो श्याम ने भूमि भार टारो

कालिया नाग नथिया की आरती कृष्ण कन्हैया की

अधर धर मुरली......

कृष्ण अर्जुन के प्यारे श्याम भक्तों के रखवारे

यमुना तट रास रचैया की आरती कृष्ण कन्हैया की

अधर धर मुरली.......

कृष्ण तुम यशोदा के छैया श्याम बलदाऊ के भैया

मोहन बन गायें चरैया की आरती कृष्ण कन्हैया की

अधर धर मुरली.......

आरती गावे कृष्णानंद मन में होता अति आनंद

विनय है लाज रखैया की आरती कृष्ण कन्हैया की

अधर धर मुरली......

कुमार सुनील फोक सिंगर

हिसार हरियाणा भारत

98123 01662

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।