॥ पावन पाठ ॥
राधा यु को रिजविन खातिर क्या क्या रूप बनायो,
कान्हा मोर बन आयो कान्हा मोर बन आयो,
एसो सुंदर मोर बताओ कहा से आया आली,
आज भी देखो ऐ री सखी री देखियो न ही काली,
बरसाने ये मोर रंगीला कहो कहा से आयो,
कान्हा मोर बन आयो.....