जनम तेरा बातो ही बीत गयो रे

संत कबीर
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जनम तेरा बातों ही बीत गयो,

रे तुने कबहू ना कृष्ण कहो,

पाँच बरस का भोला भाला, अब तो बीस भयो,

मगर पचीसी माया का कारन, देश विदेश गयो,

पर तूने कबहू ना कृष्ण कहो,

तीस बरस की अब मति उपजी, लोभ बढ़े नित नयो,

माया जोड़ी तूने लाख करोड़ी, अजहू न तृप्त भयो,

तुने कबहू ना कृष्ण कहो,

वृद्ध भयो तब आलस उपज्यो, कफ नित कंठ नयो,

साधू संगति कबहू न किन्ही रे तूने, बिरथा जनम गयो,

तुने कबहू ना कृष्ण कहो,

ये संसार मतलब का लोभी, झूठा ठाठ रटो,

कहत कबीर समझ मन मूरख, तूं क्यूँ भूल गयो,

तुने कबहू ना कृष्ण कहो,

स्वर

अनूप जलोटा

श्रेणी

कृष्ण भजन

EDITING BY:- Neelesh Mishra hanumangarh sidhi 486771 (m.p.)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।