काला काला करे गुजरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

काला काला करे गुजरी

मत काले का जिक्र करै

काले रंग पे मोरनी रुदन करै

काला काला करे गुजरी

मोटे मोटे नैन राधा के

इसमें यो सुरमा अजब सजै

काले रंग पे मोरनी रुदन करै

काला काला करे गुजरी

लाम्बे लाम्बे केश राधा के

जिसमें या मांग सिंदूर भरै

काले रंग पे मोरनी रुदन करै

काला काला करे गुजरी

लाम्बे लाम्बे पंख मोर के

इसके सिर पर मुकुट सजै

काले रंग पे मोरनी रुदन करै

काला काला करे गुजरी

हरे हरे बासां की हरी मुरलिया

जिसका खोया जग फिरै

काले रंग पे मोरनी रुदन करै

काला काला करे गुजरी

काला सर्प पड़्या बूमबी महँ

जिसका खाया तुरंत मरै

काले रंग पे मोरनी रुदन करै

काला काला करे गुजरी

कुमार सुनील फोक सिंगर

हिसार हरियाणा भारत

98123 01662

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।