मेरे सिर पे स्कंदमाता रखदो अपने ये हाथ

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरे सिर पे स्कंदमाता रखदो अपने ये हाथ,

देना है तो दीजिये जन्म जन्म का साथ,

तेरे भवल रूप पर मइया सारी मोहित है,

दसो दिशाओं में जगदम्बा तेरी महिमा गूंजती है,

सुख भहभव की कर दे माँ मेरे जीवन में बरसात,

देना है तो दीजिये जन्म जन्म का साथ,

कार्तिके या गणपत की माता शिव शंकर की प्यारी तू,

पद्म आसान पर शोभित हो माँ करती सिंह सवारी तू,

संगारक दुस्ट जनो की माँ दुनिया में विख्यात,

देना है तो दीजिये जन्म जन्म का साथ,

विपदाएं गबराती तुझसे दूर भाग ते रोग सभी,

अंजू तुझे अलसी के आगे फीके लगते भोग सभी,

तेरी किरपा से ही मिट ते देविंदर के झंझावास,

देना है तो दीजिये जन्म जन्म का साथ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।