सोहणी सोहणी जोत मैं जगाई

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

सोहनी सोहनी जोत में जगाई शेरावालिए

तैनु तेरे जागे दी बधाई शेरावालिए

जगन रचौन्दे हर साल शेरावालिए

तैनु तेरे जागे दी बधाई शेरावालिए.......

तेरी मेहर नाल मैया जगन रचाये नी

दूरों दूरों मैया तेरे भगत बुलाए नी

बच्चेयाँ दा रख लई खयाल शेरावालिए

तैनु तेरे जागे दी बधाई शेरावालिए.......

बोल के जयकारे मां बजोंदे नाले ताड़ियां

जागे विच बैठियां ने संगतां प्यारियाँ

नच नच पौंना ए धमाल शेरावालिए

तैनु तेरे जागे दी बधाई शेरावालिए.......

कटदी ऐ दुख मैया आशा करे पूरिया

चांद दियाँ कितियां ने दूर मजबूरियां

किता ए वडाली नु निहाल शेरा वालिए

तैनु तेरे जागे दी बधाई शेरावालिये..........

कुमार सुनील फोक सिंगर

हिसार हरियाणा भारत

9812301662

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।