ले लो रै मैया का नाम

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

भक्तो ले ले रे मैया का नाम दुनिया में थारा कोई नहीं

यो मेरा बेटा या मेरी बेटी या मेरे महल हवेली

ना कोई बेटा ना कोई बेटी जावे जान अकेली रै

दुनिया में थारा कोई नहीं.......

भक्तो ले ले रै.......

कंकर चुन चुन महल बनाया बंदा कहै घर मेरा

ना घर तेरा ना घर मेरा यो चिड़िया रैन बसेरा

दुनिया में थारा कोई नहीं

भक्तो ले ले रै.......

चर चर चर चर चाक्की चालै पीस रहे हैं नर नार

इस दुनिया महै कोई बचा ना राजा या महाराज

दुनिया में थारा कोई नहीं

भक्तो ले ले रे .......

कुमार सुनील फोक सिंगर

हिसार हरियाणा भारत

98123 01662

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।