मैं भवना नूँ आवां

-रोशनस्वामी"तुलसी"
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

दिल करदा माये मेरिये तेरे नित नित दर्शन पावां,

मेला आया तेरा मैं भवना नु आवां,

विच भवन दे बैठी कांगड़े माये कांगड़े वाली,

दुरो दुरो आंदियाँ ने संगता भरदी झोली खाली,

लगदी दर ते रोनकां ओथे मैं वी गिद्दा पावां,

मेला आया तेरा मैं भवना नु आवां,

सोन महीने पिंगा झूटा बीच गोदी दे तेरे,

वैष्णो रानी मस्त मलंग मैं नचा दर ते तेरे,

ढोलक चिमटे वजदे छेने नाल मैं भेंटा गावां,

मेला आया तेरा मैं भवना नु आवां,

चिंतपूर्णी माये तेरे दर सिफत निराली है,

लगदे मेले दर उते तेरे आनदे दूरों सवाली है,

तुलसी खैरा बनड़दी माये मैं वी खैरा पावां,

मेला आया तेरा मैं भवना नु आवां,

लेखक:-रोशनस्वामी"तुलसी"

960473172,9887339360

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।