आओ चलें मईया जी के द्वारे जय माता दी'बोल जयकारे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आओ चलें मईया जी के द्वारे,

जय माता दी',बोल जयकारे,

बोल जयकारे,सब बोल जयकारे,

मईया भव से पार उतारे,

जय माता दी बोल जयकारे,

आओ चलें..........

अम्बर धरती पर्वत सागर,

तुमसे ही मईया,होत उजागर,

होवे ,तुमसे ही सांझ सकारे,

'जय माता दी',बोल जयकारे,

आओ चलें........

माँ जगदम्बे दुर्गा काली,

सृष्टि की करती रखवाली,

नाचैं, सूरज चाँद सितारे,

'जय माता दी',बोल जयकारे,

आओ चलें..........

माँगहु सत्य असीस तुम्हारी,

पूजहु मन कामना हमारी,

मईया, तुमबिन कोउ न हमारे,

'जय माता दी', बोल जयकारे,

आओ चलें मईया जी के द्वारे,

'जय माता दी',बोल जयकारे.....

जय माता दी, जय माता दी,

जय माता दी, जय माता दी,

जय माता दी-----------------

आभार: ज्योति नारायण पाठक

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।