तेरे रंगा विच मैं रंग जावा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरे रंगा विच मैं रंग जावा ज़माने कोलो की लेना,

जिस हाल विच रखे रह जाना ज़माने कोलो की लेना,

दिन भागा वाला खुशियां दा आया है,

सादे वेहड़े माई ने डेरा लाया है,

मैं भी नच नच माई नू रिजावा ज़माने कोलो की लेना,

हाल दिल वाला तनु ही सुनावा,

मैं तुन न सुने जग किस नू सुनावा मैं,

हूँ तू ही दस किथे जावा ज़माने कोलो की लेना,

जाम भक्ति वाला तू ही माँ पिलाया है,

जेहड़ा उतरे न ऐसा नशा छाया है,

बांह फड़ मेरी डिग न मैं जावा ज़माने कोलो की लेना,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।