हाथ जोड़ कर मांग ता हु ऐसा हो जनम

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हाथ जोड़ कर मांगता हूं, ऐसा हो जनम,

तेरे नाम से शुरू, तेरे नाम पे खत्म

तेरे चलते बनी मेरी पहचान मावडी,

सारे जग से मिला है सामान मावड़ी,

अब उठे गा तेरी राहो में ही मेरा हर कदम,

तेरे नाम पे ही शुरू तेरे नाम पे खत्म,

हाथ जोड़ कर मांगता हूं, ऐसा हो जनम,

जाने अनजाने ने ऐसा एक काम हो गया,

मेरा जीवन सारा मइया तेरे नाम हो गया,

वरना इतनी भी अछि न थी मेरे ये कर्म,

तेरे नाम पे शुरू तेरे नाम पे ख़तम,

हाथ जोड़ कर मांगता हूं, ऐसा हो जनम,

कैसे भूलू करि जो तूने मेहरबानियां,

एक अनजाने के वास्ते क्या क्या नहीं किया,

श्याम गाये गा गुण जब तलक दम में है दम,

तेरे नाम पे शुरू तेरे नाम पे ख़तम,

हाथ जोड़ कर मांगता हूं, ऐसा हो जनम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।