सत्संग है ज्ञान सरोवर

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

सत्संग है ज्ञान सरोवर,

सुखो की खान बन्दे,

सत्संग से ही मिल जाते,

सचमुच भगवन बन्दे,

सत्संग है ज्ञान सरोवर,

सुखो की खान बन्दे,

सत्संग से ही मिल जाते,

सचमुच भगवन बन्दे,

सत्संग है ज्ञान सरोवर ….

सत्संग से होकर जाता,

मंजिल का रास्ता ,

इस मंजिल के रही को,

जग से क्या वास्ता ,

सत्संग है ज्ञान सरोवर,

सुखो की खान बन्दे,

सत्संग से ही मिल जाते,

सचमुच भगवन बन्दे,

सत्संग है ज्ञान सरोवर,

सुखो की खान बन्दे,

सत्संग से ही मिल जाते,

सचमुच भगवन बन्दे,

सत्संग है ज्ञान सरोवर ….

सत्संग है कब कशी,

सत्संग कैलाश है,

सत्संग का फल है,

श्रद्धा हर पल विशवास है,

सत्संग है ज्ञान सरोवर,

सुखो की खान बन्दे,

सत्संग से ही मिल जाते,

सचमुच भगवन बन्दे,

सत्संग है ज्ञान सरोवर,

सुखो की खान बन्दे,

सत्संग से ही मिल जाते,

सचमुच भगवन बन्दे,

सत्संग है ज्ञान सरोवर ….

दुर्लभ है जिसको पाना,

टप बल के जोर से,

वो बंधे चले आते है,

सत्संग की डोर से ,

सत्संग है ज्ञान सरोवर...

सुखो की खान बन्दे,

सत्संग से ही मिल जाते,

सचमुच भगवन बन्दे,

सत्संग है ज्ञान सरोवर ….

सत्संग है ज्ञान सरोवर

सुखो की खान बन्दे

सत्संग से ही मिल जाते

सचमुच भगवन बन्दे

सत्संग है ज्ञान सरोवर

सुखो की खान बन्दे

सत्संग से ही मिल जाते

सचमुच भगवन बन्दे

सत्संग है ज्ञान सरोवर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।