कितने दिनों के बाद है आयी भगतों रात भजन की

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

कितने दिनों के बाद है आयी भगतों रात भजन की,

अब आ भी जा माई देर लगाई आई भगतो रात भजन की,

सूरज चाँद सितारे माँ तेरा गुण गाये,

दूर दूर से भक्त माँ तेरे दर्शन करने आये,

बस दर्शन पा लू माँ तेरा शेरवाली माँ भक्तो रात भजन की,

कितने दिनों के बाद है आयी भगतों रात भजन की

दुखियो का दुःख दूर करे माँ दुष्टो का संगार करे,

जो माँ को श्रद्धा से ध्याए उसका ही उधार करे,

बस दर्शन पा लू तेरा माँ तेरा शेरावाली माये,

भगतो रात भजन की,

कितने दिनों के बाद है आयी भगतों रात भजन की

मुझको दर्शन देकर मइयां भाग जगा दो मेरे,

इस मन के मंदिर में मइया रहती शाम सवेरे,

अब नैनो की मेरे प्यास भुजा दे माई भगतो रात भजन की,

कितने दिनों के बाद है आयी भगतों रात भजन की

तूने ही जीवन में मेरे पल पल किये उजाले जब जब टुटा आकर के माँ तुहि मुझे संभाले,

मेरे मन में माँ तेरी आस लगाई आई भगतो रात भजन की,

कितने दिनों के बाद है आयी भगतों रात भजन की

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।