मेरा पावन हो गया आंगणा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरा पावन हो गया आंगणा,

मेरी माता रानी आई आज,

छमा छम नाचू आंगणा

गंगा जल लेके आजा रे सजाना,

दोउ माँ जी के चरना ने आज,

छमा छम नाचू आंगणा...

चोखा मंडप सजा दे रे सजाना,

माता रानी ने बिठाना घर आज,

छमा छम नाचू आंगणा......

हे मेरी ख़ुशी का ठिकाना ना आज से,

मेरा भरियो रे सी अब भण्डार,

छमा छम नाचू आंगणा......

लेहरी कर दे कर दे जागरण,

माता कर दे कर दे जागरण,

हो अमृत की पड़े रे फुहार,

छमा छम नाचू आंगणा......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।