हम धाम वैष्णो जावेगे दुर्गे माँ ने मनावे गे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हम धाम वैष्णो जावेगे दुर्गे माँ ने मनावे गे,

नवरातो का लग रहा मेला धाम मईया का अलबेला,

जाके दर्शन हम भी पावे गे दुर्गे माँ को मनावे गे,

हम धाम वैष्णो जावेगे दुर्गे माँ ने मनावे गे,

करनी चाहिए सब ने भक्ति बिन भजन न मिले मुक्ति,

जीवन को सफल बनावेंगे दुर्गे माँ ने मनावे गे,

हम धाम वैष्णो जावेगे दुर्गे माँ ने मनावे गे

कथन खटाना भजन बनावे दीवानी तेरी महिमा गावे,

हम भी संग में गावे गे दुर्गे माँ ने मनावे गे,

हम धाम वैष्णो जावेगे दुर्गे माँ ने मनावे गे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।