आओ गजानन प्यारे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

आओ गजानन प्यारे गिरिजा के दुलारे ॥

सब देवन में देव कहाए

पूजो चरण तुम्हारे गिरिजा के दुलारे ॥

हरी हरी दूबा तुमको चढ़ाए

चंदन झूला डारे गिरिजा के दुलारे ॥

लड़ुअन को हम भोग लगाए

पलक पावड़े डारे गिरिजा के दुलारे ॥

आज मनाए आसन लगाके

गा गा गीत तुम्हारे गिरिजा के दुलारे ॥

द्वारा :योगेश तिवारी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।