माँ की धुन बाजेगी से मैया की धुन बाजेगी

- भजन गायक कृष्णा पंत
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

साँझ सबेरे पंडाला विच माँ दुर्गा विराजेगी ,

माँ की धुन बाजेगी सय मैया की धुन बाजेगी,

अम्बे अपनी धुन पर सारे भक्तों को नाचावेगी,

माँ की धुन बाजेगी सय मैया की धुन बाजेगी,

सुनो सुनो भक्तो माँ की धुन,

माँ की धुन ये कमाल कर दी,सारे जग में धमाल कर दी ,

ढोल मृदंग नागदे तासे,

डम, डम, डम शिव डमरु बाजे,

मंदिर की घंटी जब बाजे,

भक्त तेरे सब माँ को पुकारे,

अपने नो रूपों में माँ जब भक्तो के बीच आबेगी

माँ की धुन बाजेगी सय मैया की धुन बाजेगी.

सुनो सुनो भक्तो माँ की धुन,

माँ की धुन ये कमाल कर दी,सारे जग में धमाल कर दी ,

माँ की धूम में धुनी रामाले,

कष्ट तेरे सब मैया तारे

हाथ ध्वजा संग त्रिशूल लेके,

माँ आवेगी तेरे द्वारे,

भक्त मेरे तू झूम के गाले,

माँ अंबे को मन में बसाले

सबके मन मंदिर में अम्बे ज्योति एक जलावेगी

माँ की धुन बाजेगी सय मैया की धुन बाजेगी,

सुनो सुनो भक्तो माँ की धुन,

माँ की धुन ये कमाल कर दी,सारे जग में धमाल कर दी,

साँझ सबेरे पंडाला विच माँ दुर्गा विराजेगी ,

माँ की धुन बाजेगी सय मैया की धुन बाजेगी,

स्वर :- भजन गायक

गीतकार:- भजन गायक कृष्णा पंत

म्यूजिक निर्देशन:- जुगेश शाक्य जी

संपर्क सूत्र :- 09981833487

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।