माता तेरे चरणों में हर सुख जीवन का पाया है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माता तेरे चरणों में हर सुख जीवन का पाया है।

दौड़ी आई है तू दिल से जब-जब तुझे बुलाया है।

वेद-पुराणों ने तो माता तेरे ही गुण गाये हैं,

नारद जी की वीणा ने भी तेरे गीत सुनाये हैं।

तेरी ही महिमा ने धरती का उपवन महकाया है,

माता तेरे चरणों में हर सुख जीवन का पाया है।

ऊँचे पर्वत रहनेवाली, तेरी शान निराली है,

तू ममता की मूरत, करती भक्तों की रखवाली है।

तेरी लीला तू ही जाने, दुनिया तेरी माया है,

माता तेरे चरणों में हर सुख जीवन का पाया है।

सबकी सुनती है तू माता, बिगड़ी बात बनाती है,

सिर ऊँचाकर जीना मैया, तू ही तो सिखलाती है।

सोई थी मेरी किस्मत, माँ तूने उसे जगाया है,

माता तेरे चरणों में हर सुख जीवन का पाया है।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।