हो गए भव से पार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा ॥

वाल्मीकि अति दुखी दीन था,

बुरे कर्म में सदा लीन था ,

करी रामायण तैयार लेकर नाम तेरा,

थे नलनील जाति के वानर,

राम नाम लिख दिया शिला पर,

हो गई सेना पार लेकर नाम तेरा,

भरी सभा में द्रुपद दुलारी,

कृष्ण द्वारिकानाथ पुकारी ,

बढ़ गया चीर अपार लेकर नाम तेरा,

गज ने आधा नाम पुकारा ,

गरूड़ छोड़ कर उसे उबारा,

किया ग्राह उद्धार लेकर नाम तेरा,

जिनको स्वयं तार नहीं पाये,

नाम लिये से मुक्ति पाये ,

महिमा नाम अपार लेकर नाम तेरा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।