श्याम नगीना बन जाते

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम नगीना बन जाते री नथनी में जड़ाते ॥

तुम होते चंदा हम हों सितारे

हम हों सितारे श्याम हम हों सितारे

रातो को मिल जाते मुंदरी मैं जड़ाते ॥

तुम होते माली हम होते कलियाँ

बागों में मिल जाते मुंदरी में जड़ाते ॥

तुम होते राजा हम होते हिरनी

जंगल में मिल जाते मुंदरी में जड़ाते ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।