अपने श्री मुख से गोविंद नाम कह रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अपने श्री मुख से गोविंद नाम कह रे ।

अपने श्री मुख से गोविंद नाम कह रे ॥

एक बजे लो हरि को नाम

दो बजे द्वारिकाधीश

तीन बजे त्रिलोकीनाथ आते जाते रट रे ॥

चार बजे चतुर्भुज धाम

पांच बजे परमेश्वर नाम

छ: बजे छबीले श्याम अाते जाते रट रे ॥

सात बजे सतगुरु का नाम

आठ बजे ले आठों धाम

नौ बजे नारायण नाम आते जाते रट रे ॥

दस बजे दामोदर नाम

ग्यारह बजे गिरिधारी

बारह बजे बनवारी आते जाते रट रे ॥

द्वारा :योगेश तिवारी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।