वोट दो मैया को वोट दो

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

वोट दो जी वोट दो शेरावाली को वोट दो,

निष्टि मइयां आएगी राम राज कर जाएगी,

दुःख संताप मिटाये गई,चैन की नींद सुलाए गई,

एह त्रिशूल माता का सिम्बल इस्पे छाप लगाना है,

रक्त लाल चन्दन लेकर के माथे तिलक लगाना है,

स्वर्ग लोक धरती पर लाये मन में ऐसा प्रण कर लो,

वोट दो जी वोट दो शेरावाली को वोट दो,

नवराति में होगी इलेक्शन तयारी सब कर लो न,

माँ का मंदिर पोलिंग सेण्टर भगतो के संग हो लो न,

आइडेंटिटी की कार्ड है भक्ति इसको तुम संग में लेलो,

वोट दो जी वोट दो शेरावाली को वोट दो,

ये मइया का नहीं इलेक्शन ये तो तेरा सिलेक्शन है,

गूंजे जितनी जोर से जय कारा होता उतना एक्शन है,

माता के भगतो में बंदे अपना नाम भी लिख वालो,

वोट दो जी वोट दो शेरावाली को वोट दो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।