जिन्ना तेरे जागेया च मै जागेया

नरेन्द्र चंचल
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जिन्ना तेरे जागेया च मैं जागेया,

चन्न कोलो पूछ लै तारेया तो पूछ लै,

जिन्ना मैं दीवाना माए तेरे नाम दा,

इक कोलो पूछ भांवे सारेयॉ तो पूछ लै,

जिथे जोत जगे तेरी, उथे पोच जाना हा,

भगता दे नाल भेटा तेरिया मैं गाउँदा हां,

जिन्ना तेरा नां मैया मै उचारदा,

भेटा कोलो पूछ लै जैकरेया तो पूछ लै,

हर पल तेरा मै दीदार माएं चांदा हा,

तकना मै तेन्नु बार बार मांए चाहना वा,

किनना इंतेज़ार रहन्दा तेरे आन दा,

वादिया तो पूछ लें लारिया तो पूछ लें,

करेंगी तू आस पूरी लाके आस रखी ऐ,

तोड़ न तू देवी आस बड़ी खास रखी ऐ,

जिन्ना यत्न कित्ता तेन्नु मै बुलान्दा,

अवाज़ा कोलो पूछ लै इशारेआ तो पूछ लै,

किन्नी वारी दर तेरे चक्कर लगाए मैं,

मदिरा च जाके दाती टल खड़काऐ मैं,

किन्ना शोर पाया तेरी जय जयकार दा,

छेनेया तो पुछले नागाडिया तो पूछ ले,

हाथ जोड़ आखा सुन ले पुकार माये ने,

सागर निमाने तू देदे प्यार माये नि,

किना मेरा दिल है तेनु पुकार दा,

अर्जा तो पूछ ले ते लारेया तो पूछ ले,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।