तेरे आये नवरात्रे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरे आये नवरात्रे आये नवरात्रे,

माँ खोल गुफा के द्वारे सब बोल रहे जय कारे,

उचियाँ लामियां चढ़ के चढ़ाइयाँ आके माँ गुण तेरे गाते,

आये नवरात्रे ....

आया सावन पड़ गए झुके मैया झूला झूले गी,

ऐसा लगता ये धरती अब अम्बर को छू ले गी,

अरे पाकी पड़े फुहारे शेरावाली माँ के द्वारे,

हर जगह माँ गूंज रहे है मात तेरे जगराते,

आये नवरात्रे ......

ढोल नगाड़ो के संग नाचे हर कोई तेरे द्वारे,

दरसन की अभिलाषी भगतो की लगी है कटारे,

हुए चमत्कार है न्यारे शेरो वाली माँ के द्वारे,

उचे पर्वत लम्बे रस्ते कट जाये गुण गाते,

आये नवरात्रे ......

बीच पहाड़ो आंबे माँ ने ऐसे खेल रचाये,

तेरे दर्शन को मियां सब दूर दूर से आये,

कंजको की लगी कटारे शेरा वाली माँ के द्वारे,

कंजक पूजन करते सारे दर तेरे माँ आके,

आये नवरात्रे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।