नो दिन त्यौहार है आया

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ध्यान करो माँ नव दुर्गा का जिसने जगत बनाया,

नो दिन त्यौहार है आया नो दिन का त्यौहार

प्रथम छेल पुतरी की पूजा भरम चारणी का दिन दूजा,

माँ चाँद घंटा की सेवा कर के सब सुख पाया,

नो दिन त्यौहार है आया नो दिन का त्यौहार

चौथे दिन कुछमांडा भक्ति स्कंद माता पाँचम शक्ति,

और छठा दिन कात्यानी का करदे कंचन छाया,

नो दिन त्यौहार है आया नो दिन का त्यौहार

शतम दिन शिव काल रात्रि अष्टम दिन माँ गोरी माया,

सीधी दाती का नोवा दिन अप्रम पार है माया,

नो दिन त्यौहार है आया नो दिन का त्यौहार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।