मैनु चरना च रख ले दाती मैं कमली तेरे दीदार दी आ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैनु चरना च रख ले दाती मैं कमली तेरे दीदार दी आ,

मैं चंगी आ या मंदी आ दीवानी तेरे प्यार दी आ,

मैनु मस्ती चढ़ गई है नाम दी है,

तेरे चरना विच रहना है,

किसे होर द्वारे नहीं जाना तेरी चौकठ विच रहना है,

मैं होर किसे तो की लेना तेरे तो जिंदगी वार दी आ,

मैनु चरना च रख ले दाती मैं कमली तेरे दीदार दी आ,

इक बार जो तेरा हो जावे,

सुनिया भाव सागर तर जाणदा,

राजू हरिपुरिये वंगु रंग तेरा चढ़ जांदा,

मैनु दर तो खाली न मोड़ी इहो अर्ज गुजार दी आ,

मैनु चरना च रख ले दाती मैं कमली तेरे दीदार दी आ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।