आओ माँ के दर्शन करो बारी बारी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन दुर्गा भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

आ गई मेरी माँ की सवारी,

संग बजरंगी भैरव बलकारी,

आओ माँ के दर्शन करो बारी बारी,

आज जागे गी किस्मत हमारी,

आओ माँ के दर्शन करो बारी बारी,

माँ की चूरनी में चाँद तारे है,

रंग इन्दर धनुष के सारे है,

लाल चमके है लाल बिंदियां में कण में कोहिनूर धारी है,

फूल जैसे माँ के पाँव बड़े प्यारे है,

इन्ही पाओ तले बहते सुरो के धारे है,

मौज करते है माँ के पुजारी,

आओ माँ के दर्शन करो बारी बारी,

टोल दो माँ को आज फूलो में,

झुलाओ भावना के झूलो में,

भाव भक्तो के तोल लेती है खोट शामिल न हो असूलों में,

उंगलियों पे ये माँ सबका हिसाब रखती है,

सब के कर्मो की नजर में किताब रखती है,

आओ माँ के दर्शन करो बारी बारी,

है इसी बात में बात सारी

आओ माँ के दर्शन करो बारी बारी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।