तेरा लाऊ सवामणी रोट बाला जी मेरा रोग काट दे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

काट दे बाबा काट दे बाबा रोग,

तेरा लाऊ सवामणी रोट बाला जी मेरा रोग काट दे

संकट वैरी म्हणे घना हु सतावे,

विश जाहा गाडी कॉल खुलवावे,

मैं तो गई काया लोट बाला जी मेरा रोग काट दे,

तेरा लाऊ सवामणी रोट बाला जी मेरा रोग काट दे

भुजग गांव ख़लीले में आई,

दुनिया के माँ ठोकर खाई,

शयना ने लूट लिए नोट बाला जी मेरा रोग काट दे,

तेरा लाऊ सवामणी रोट बाला जी मेरा रोग काट दे

लेके माला बैठी ध्यान में,

सोनू भक्त लगाया महिमा गान में,

तेरे सेवक में कोई न खोट बाला जी मेरा रोग काट दे,

तेरा लाऊ सवामणी रोट बाला जी मेरा रोग काट दे

इब थोड़ा सा चैन पड़ा से,

अशोक भक्त ने चंद घड़ा से,

मैं गाउ डंके की चोट बाला जी मेरा रोग काट दे,

तेरा लाऊ सवामणी रोट बाला जी मेरी रोग काट दे,

तेरा लाऊ सवामणी रोट बाला जी मेरा रोग काट दे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।