नाचेंगे सारी रात

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

नाचेंगे सारी रात मैया के जगराते में,

माँ का सच्चा है दरबार माँ की महिमा अप्रम पार,

आये माँ के भकत हज़ार मइयां के जगराते में,

नाचेंगे सारी रात..

माँ बैठी सिंह सवार भवानी शेरो वाली,

मैया बड़ी दयालु मेरी माँ मेहरो वाली,

माँ के जैसा और न दूजा माँ की करते सभी पूजा,

खुले मैया के भण्डार मैया के जगारते में,

नाचेंगे सारी रात.......

ज्योति का लश्कारा चम् चम चमक रहा है,

माँ का रूप सलोना धम धम धमक रहा है,

मेरी मैया बड़ी है भोली सबकी भरती मैया झोली,

करे भक्तो से माँ प्यार मैया के जगराते में,

नाचेंगे सारी रात....

पहले पूजे गणेश दूजे बजरंग बलकारी,

सिमरु अपने गुरु विनय माँ करू तुम्हारी,

मैया विनती बारम बार मेरा ख़ुशी रहे परिवार,

गिरी नैया हो जाये पार मैया के जगराते में,

नाचेंगे सारी रात

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।