ओ जाने वाले रघुवर को

पारंपरिक
हनुमान जी भजन राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

ओ जाने वाले रघुवर को परनाम हमारा कह देना,

परनाम हमारा कह देना सीताराम हमारा कह देना,

श्रीराम की माता कौशल्या और दशरथ धीरज धारी को,

श्री भरत की माता कैकई को परनाम हमारा कह देना,

श्री भरत सत्रुहन भैया को और छोटी मात सुमित्रा को,

श्री सीता जनकदुलारी को परनाम हमारा कह देना,

श्री हनुमान बलि सुग्रीव को और सारी अंगद सेना को,

श्री पूरी अयोध्या नगरी को परनाम हमारा कह देना,

श्रीराम चंद्र अवतारी को और लक्ष्मण धन्वाधारी को,

श्री लवकुश आग्याकारी को परनाम हमारा कह देना,

वाल्मीकि रामायण को और चारो वेद पुराणो को,

श्री गीता मात कल्याणी को परनाम हमारा कह देना,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।