दिल वो कन्हैया ले गया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मीठे मीठे सपने देके भाग गया सब लेके,

दिलासा दे गया दिल वो कन्हियाँ ले गया,

राणा जी वो मेरा दिल वो कन्हियाँ ले गया,

हुई रे दीवानी श्याम पिया की,

हालत कहु क्या अपने जिया की,

उतरे न चढ़ गया जो जादू,

मिल जाये बस वो कुछ भी ना मांगू ,

वीराना गुलशन हो जाये कन्हियाँ फिर तू,

मिल जाये तमना पूरी हो जाये ो संवारा,

मीठे मीठे सपने देके भाग गया सब लेके दिलासा दे गया,

दिल वो कन्हैया ले गया

प्रीतल मेरी तोल कन्हियाँ आजा रे कुछ बोल कनियाँ,

मीरा नहीं मैं राधा नहीं हु,

जैसी हु कम भी नहीं हु,

घटाए गिर गिर आती है बड़ा मुझको तड़पाती है,

तेरी याद जो आती है ो सांवरा,

मीठे मीठे सपने देके भाग गया सब लेके दिलासा दे गया,

दिल वो कन्हैया ले गया

मस्त चले है जीवन नाइयाँ आप बने हो जग से खिवैया,

लेहरी हु लजा रखले कन्हियाँ पार लगा दे थाम के भहिया,

झलक तू अपनी दिखला दे ये आवा गमन मिटा तू दे चैन की बंसी बजा तू दे,

ओ सांवरा

मीठे मीठे सपने देके भाग गया सब लेके दिलासा दे गया,

दिल वो कन्हैया ले गया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।