लाखो में एक लगे मेरो बांके बिहारी लाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कजरारे काले नैना नैना तोरे अधरों पे लाली लाल,

लहरावे तेरी लट घुंघराली लागे बड़ी कमाल,

लाखो में एक लगे मेरो बांके बिहारी लाल,

लाखो में एक लगे मेरो सांवरिया सरकार लाल,

कान में कुण्डल गल वैजयंती माथे मुकट विराजे,

सुन्दर है शृंगार श्याम का सबके मन को भावे,

मधुर मुरलियाँ भाजे जब जब छेड़े नहीं सुर ताला,

लाखो में एक लगे मेरो बांके बिहारी लाल,

राधे के संग रास रचावे तू ही रशिक बिहारी,

नन्द का लाला मुरली वाला,मन मोहन गिरधारी,

रास करे तू मटकी फोड़े कर ता खूब धमाला,

लाखो में एक लगे मेरो बांके बिहारी लाल,

एक नजर जो तुझको देखे वो हो जाये तेरा,

सांवरे तेरी प्यारी शवि ने दिल ये चुरा लिया मेरा,

तेरे ही रंग में रंग गया मैं तो ऐसा हुआ मेरा हाला,

लाखो में एक लगे मेरो बांके बिहारी लाल,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।