काली काली रात में काली

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

काली काली रात में काली,

जब धरती पर आये आये,

रूप भयंकर देख के भेहरो,

काले ध्वजा लहराए आये,

काली काली रात में काली......

माँ काट रही दुष्टो का संहार कर रही है,

देखो ये काली सब का बेडा पार कर रही है,.

काली काली रात में काली........

जवाला भरी है आँख में माँ काली के पर्वेश्वर,

भरव को लिये शेर सी दहाड़ ती महेश्वारी,

काली काली रात में काली...

बिगड़ी हु तकदीर स्वर जाने लगी है,

वक़्त हो चला है देखो मैया आने लगी है,

काली काली रात में काली..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।