साहनु सब कुछ मिल जाना माँ तेरा प्यार नि मिलना

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

साहनु सब कुछ मिल जाना माँ तेरा प्यार नि मिलना,

मैं रो रो के माँ हार गया,

तेरा प्यार नि मिलना माँ तेरा प्यार मिलना,

चानिया रात माँ मैनु लगन हनेरिया,

जदो माये मेरी यादा आंदियाँ तेरियां

तेरे बिन ना आवन साहवा माँ तेरा प्यार नि मिलना,

साहनु सब कुछ मिल जाना माँ तेरा प्यार नि मिलना,

तेरा यह विशोडा माँ मेतो झल्लेया नहीं जांदा,

रोन्दियाँ ने अखियां ते दिल घोटे खानदा,

जो दूर करे मेरा गम माँ गम खार नहीं मिलना माँ तेरा प्यार नि मिलना,

साहनु सब कुछ मिल जाना माँ तेरा प्यार नि मिलना,

किवे भूल जवां माँ किते तेरे उपकार मैं,

हद नालो वध तेहतो पाया सी जो प्यार मैं,

तेरे वाजो गुलशन विच माये गुलजार नहीं खिलना माँ तेरा प्यार नहीं मिलना,

साहनु सब कुछ मिल जाना माँ तेरा प्यार नि मिलना,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।