मिल मेरे प्रीतमा जिओ

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मिल मेरे प्रीतमा जिओ,

तुध बिन खड़ी निमाणी,

मैं नैनी नींद ना आवै जीओ,

भावै अन्न ना पानी,

मिल मेरे प्रीतमा जिओ

तुध बिन.......

पानी अन्न ना भावै, मरिए हावे,

बिन पिर किउ सुख पाइये,

गुर आगे करु बेन्नती, जे गुर भावै,

जो मिले तिवे मिलाइये,

मिल मेरे प्रीतमा जिओ,

तुध बिन खड़ी निमाणी,

आपे मिल लए सुख दाता,

आप मिलया घर आये,

नानक कामन सदा सुहागन,

ना पीर मारे ना जाये,

मिल मेरे प्रीतमा जिओ,

तुध बिन खड़ी निमाणी,

सौरभ सोनी

सरिया, गिरिडीह

झारखंड, 825320

8210062078

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।