जा तू मेरे वल हैं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन गुरुदेव भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जा तू मेरे वल हैं ता क्या मुहशनदा,

तुध सब किछ मैनु सौपया, जा तेरा बंदा,

लख्मी तोट ना आवहि,

खाए खर्च रहन्दा।

लख चौरासी मेदनी, सभ सेव करंदा,

तुध सब किछ मैनु सौपया,

इहे वैरी मित्र सभ कितिया नह मंगही मंदा,

लेखा कोई ना पुछही जा हर बख़्सनदा,

तुध सब किछ मैनु सौपया,

अनंद भेया सुख पाया मिली गुरु गोविंदा,

सबै काज संवारिये जा तुध भावन्दा,

तुध सब किछ मैनु सौपया,

सौरभ सोनी

सरिया, गिरिडीह

झारखंड,825320

8210062078, 9955459445

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।