जरा देर ठहरो राम

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जरा देर ठहरो राम तमन्ना यही है

अभी हमने जी भर के देखा नही है ॥

कैसी घड़ी आज जीवन की आई ।

अपने ही प्राणो की करते विदाई ।

अब ये अयोध्या हमारी नहीं है ॥

माता कौशल्या की आंखों के तारे।

दशरथ जी के राज दुलारे ।

कभी ये अयोध्या को भुलाना नहीं है ॥

जाओ प्रभु अब समय हो रहा है।

घरों का उजाला भी कम हो रहा है ।

अंधेरी निशा का ठिकाना नहीं है ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।