रंग चढ़ गया माँ दा लाल

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

रंग चढ़ गया माँ दा लाल लाल रंग चढ़ गया माँ दा लाल,

आज ऐसी होइ कमाल लाल रंग चढ़ गया माँ दा लाल.

रंग चढ़ गया माँ दा लाल...

एस रंग दी बात निराली रंग चढ़ौन्दी शेरा वाली,

मेरे हल हो गए ने सवाल लाल रंग चढ़ गया माँ दा लाल,

रंग चढ़ गया माँ दा लाल.....

मैं भी माँ दा पल्ला फ़दया मैनु भी रंग माँ दा चढ़या,

मैं भी तर गई इस रंग नाल लाल रंग चढ़ गया माँ दा लाल,

रंग चढ़ गया माँ दा लाल...

माँ दे रंग विच सोनीया रंगी सारी दुनिया तो माँ चंगी,

जदो पूज्ये शरधा नाल लाल रंग चढ़ गया माँ दा लाल,

रंग चढ़ गया माँ दा लाल...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।