तेरी रहमो नजर हो गई इस कदर

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरी रहमो नजर हो गई इस कदर,

मिल गया तेरा दर तो मजा आ गया,

ना कोई भी खबर ना जमाने का डर,

रखा चरणों में सिर तो मजा आ गया,

तेरी रहमो नजर हो गई इस कदर,

ऐसा पहले हुआ न कभी मेरे संग,

अब तो मुझ पे चढ़ा तेरी भक्ति का रंग,

है ये तेरा असल आये कुछ न नजर,

हट गई बंद नजर तो मजा आ गया,

तेरी रहमो नजर हो गई इस कदर,

मुझको जो भी मिला तेरे दर से मिला,

अब नहीं दिल में कोई भी सिकवा गिला,

अब न जाऊ किधर भटकु न दर बदर दे दियां है सबर तो मजा आ गया.

तेरी रहमो नजर हो गई इस कदर,

ना ही किस्मत न दौलत हुनर की हुई,

मेरी पहचान बस तेरे दर से हुई,

दीवाने की डगर सिर्फ तेरा ही दल,

तूने की है नजर तो मजा आ गया,

तेरी रहमो नजर हो गई इस कदर,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।