जुड़ गई है मन की तार तुमसे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन गुरुदेव भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जुड़ गये है मन की तार तुमसे,

शक्तियां मिल रही अपार तुमसे,

भाग्ये के द्वारे खुले हम को हमारे मिले,

आये जीवन में ये बाहर तुमसे ओ बाबा,

जुड़ गये है मन की तार तुमसे,

माता पिता सतगुरु सखा तुम्ही तो इक हमारे हो,

शिक्षक तुही रक्षक तुम्ही दिल के तुम ही सहारे हो,

मिला सारे रिश्तो का प्यार तुमसे ओ बाबा,

जुड़ गये है मन की तार तुमसे,

दुनिया से दूर तारो के गाव,

तुम मुझे ले आये हो काँटों से दूर फूलो की छाव,

में मुझे बिठाये हो किनारों की बाहों का हाल तुम से ओ बाबा,

जुड़ गये है मन की तार तुमसे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।