मेरे दुखड़े हर लो बाबा जी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मेरे दुखड़े हर लो बाबा जी,

प्रभु यमुना किनारे धाम तेरा,

है मंदिर आलिशान बना,

मेरे दुखड़े हर लो बाबा जी

अंजनी की लाला द्वार तेरे मेरी कब से झोली तरस रही,

मेरा दुःख से कीरथ तन मन है जरा देखे आँखे बरस रही,

हर दर से हुई निराशा है,

बस एक तुम्ही से आशा है,

मेरे दुखड़े हर लो बाबा जी......

तुम दुष्ट दलन भये हरता हो,

मुझपे भी दया कुछ कर देना,

तूने काज सवारे रघुवर के,

कोई मुझे भी सुख का वर देना,

मैं रो रो आज पुकार करू,

ये विनती बारम बार करू,

मेरे दुखड़े हर लो बाबा जी

मेरे भाग जगा दो भी बाबा ये विनती बाराम बार करू,

मुझे गेरा है तूफानों ने मेरी नाइयाँ पार लगा दो,

तेरे होते कब तक कष्ट सहू,

तुझसे ना कहु तो किस से कहु,

मेरे दुखड़े हर लो बाबा जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।