मेरा मन है तेरा शिवाला शंकर भोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हे कलेश पति मेरा मन है तेरा शिवाला शंकर भोले,

मेरे नैनो में तेरा उजाला शंकर भोले,

गंगा तेरी जटा में देखि छवि है प्यारी शोभा न्यारी,

अंग बभूति और मृग शाला शंकर भोले,

मेरा मन है तेरा शिवाला शंकर भोले,

कोई तुझको नील कंठ के नाम से जाने नाम से जाने,

कोई पुकारे डमरू वाला शंकर भोले,

मेरा मन है तेरा शिवाला शंकर भोले

तेरी दया का अंत नहीं है,

गिर ना जाऊ पग पग तूने,

दिया सहारा मुझे समबाला शंकर भोले,.

मेरा मन है तेरा शिवाला शंकर भोले

तेरा चिंतन तेरी पूजा याद रहा न कोई दूजा,

पी कर तेरे नाम का पायला शंकर भोले,

मेरा मन है तेरा शिवाला शंकर भोले

आँख तीसरी जब तू खोले,

हर एक देव का आसान ढोले,

तेरे क्रोध की भड़के ज्वाला शंकर भोले,

मेरा मन है तेरा शिवाला शंकर भोले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।