राम जपो जी ऐसे ऐसे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम जपो जी ऐसे ऐसे,

ध्रव प्रलाह्द जपियो हर जैसे,

राम जपो जी ऐसे ऐसे,

दीं दयाल भरोसे तेरे,

सब परिवार चढ़ाया बेड़े,

राम जपो जी ऐसे ऐसे..

जा तिश भावे ता हुकम मनावे,

इस बेड़े को पार लगावे,

राम जपो जी ऐसे ऐसे

गुरु प्रसाद ऐसी भुध समानी,

चूक गई फिर आवन जानी,

राम जपो जी ऐसे ऐसे

कहो कबीर भज सरिग पानी,

उरवार पार सब एको दानी,

राम जपो जी ऐसे ऐसे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।