तुम करो दया मेरे साई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन गुरुदेव भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तुम करो दया मेरे साई,

ऐसी मत दीजै मेरे ठाकुर, सदा-सदा तुध धयाई,

तुम करो दया......

पानी पखा पी सौ संत आगे,गुण गोविंद जस गाइ,

सांस -सांस में नाम सम्हारे, एहे विश्राम नित पायी,

तुम दया करो मेरे साई.....

तुम्हरि कृपा ते मोह, मान छूटे, बिनस जाए भरमाई,

आनंद रूप रवियों सब मधे, जत-कत भेखो जाई,

तुम करो दया....

तुम दयाल कृपाल-कृपानिध, पतित पावन गौसाई,

कोट सुख औ आनंद रज पाए, मुखत निमख बुलाई,

तुम करो दया.....

जाप-ताप भगत शापूरी, जो प्रभ के मन भाई,

नाम जपत, तृष्णा सब बुझी हैं, नानक त्रिपत अघाई,

तुम करो दया....

सौरभ सोनी

सरिया, गिरिडीह

झारखंड, 825320

8210062078

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।