संसार के लोगों से आशा ना किया करना

कृष्ण दास भूटानी
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

संसार के लोगों से आशा ना किया करना,

जब कोई ना हो अपना, श्री कृष्ण कहा करना।

कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा

जीवन के समुन्दर में, तूफ़ान भी आतें हैं,

जो हरि को भजतें हैं, हरि आप बचाते हैं।

वो आप ही आएंगे, बस याद किया करना,

जब साथ ना दे कोई, श्री कृष्णा जपा करना॥

यह सोच अरे बन्दे, प्रभु तुझ से दूर नहीं,

कोई कष्ट हो भगतों को, प्रभु को मंजूर नहीं।

भगवान को आता है, भगतों पे दया करना,

जब कोई ना हो अपना, श्री कृष्णा कहा करना॥

मत भूल अरे भैया, यह देस बेगाना है,

दुनिया में आ कर के, वापस तुझे जाना है।

माया के बंधन से दिन रात बचा करना,

जब कोई ना हो अपना, श्री कृष्ण कहा करना॥

द्रोपदी ने पुकारा था, प्रभु भी बेचैन हुए,

वो चीयर बढ़ाने को खुद चीयर में प्रगट हुए।

वोही लाज बचाएंगे, बस ध्यान किया करना,

जब कोई ना हो अपना, श्री कृष्ण कहा करना॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।